<p style="text-align: justify;"><strong>Devendra Fadnavis Vs Sharad Pawar: </strong>महाराष्ट्र के 2019 के राजनीतिक संकट का जिन्न चार साल बाद फिर से बाहर निकल आया है. इस मसले को लेकर बीजेपी (BJP) और एनसीपी (NCP) की ओर से जोरदार बयानबाजी की जा रही है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के हालिया बयान के बाद ये मामला फिर से सुर्खियों में आ गया. जिसके बाद महाराष्ट्र की सियासत तेज हो गई. </p> <p style="text-align: justify;">दरअसल, बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में रिपब्लिक न्यूज़ चैनल से बातचीत में दावा किया था कि शरद पवार ने 2019 में बीजेपी के साथ सरकार बनाने के लिए सहमति जताई थी, लेकिन फिर तीन-चार दिनों के बाद वह पीछे हट गए. उन्होंने कहा कि सरकार बनाने की हमारी कोशिश शरद पवार से चर्चा के बाद ही शुरू हुई. उन्होंने दोहरा खेल खेला. इसके बाद अजित पवार के पास हमारे साथ आने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचा था. इसलिए हमने शपथ ली थी. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>शरद पवार ने बताया गुगली बॉल पर विकेट</strong></p> <p style="text-align: justify;">देवेंद्र फडणवीस के इस बयान पर शरद पवार ने भी पलटवार किया. एनसीपी चीफ ने गुरुवार (29 जून) को कहा कि मैंने गुगली फेंकते हुए बीजेपी के साथ 2019 में चर्चा की थी. देवेंद्र फडणवीस ने विकेट दिखाई थी. गेंदबाज को अगर कोई अपना विकेट दिखा रहा है तो उसे गेंदबाज कैसे छोड़ेगा. गुगली बॉल पर हमने विकेट उड़ा दी. शरद पवार अपने इस कदम को राजनीतिक गुगली बता रहे हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>फडणवीस बोले- बाकी सच सामने लाऊंगा</strong></p> <p style="text-align: justify;">शरद पवार ने कहा कि फडणवीस को अनुचित टिप्पणियां करने के बजाय महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए. शरद पवार के इस बयान के बाद देवेंद्र फडणवीस ने फिर से बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि मैं शरद पवार के मुंह पर सारा सच ले आया, लेकिन यह आधा सच है. मैं भी अब और गुगली फेंकूगा और बाकी सच सामने लाऊंगा. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या हुआ था 2019 में?</strong></p> <p style="text-align: justify;">गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 2019 में विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना ने बीजेपी के साथ संबंध तोड़ लिए थे. मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों दलों के बीच गतिरोध बढ़ गया था. इसके बाद अचानक राजभवन में देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. हालांकि यह सरकार केवल 80 घंटे ही चली थी. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>एकनाथ शिंदे ने गिराई एमवीए सरकार</strong></p> <p style="text-align: justify;">उद्धव ठाकरे ने बाद में एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर महा विकास अघाड़ी सरकार (एमवीए) का गठन किया था. पिछले साल जून में <a title="एकनाथ शिंदे" href="https://ift.tt/7snHhPd" data-type="interlinkingkeywords">एकनाथ शिंदे</a> के विद्रोह के बाद एमवीए सरकार गिर गई थी. शिंदे गुट ने फिर खुद को असली शिवसेना करार देते हुए बीजेपी के साथ गठबंधन किया था. फिर 30 जून 2022 को एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री और देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें- </strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="तमिलनाडु के राज्यपाल ने स्टालिन सरकार में मंत्री वी सेंथिल बालाजी को किया बर्खास्त, ईडी ने किया था गिरफ्तार" href="https://ift.tt/HLJvs8j" target="_self">तमिलनाडु के राज्यपाल ने स्टालिन सरकार में मंत्री वी सेंथिल बालाजी को किया बर्खास्त, ईडी ने किया था गिरफ्तार</a></strong></p>
