<p style="text-align: justify;"><strong>ABP Cvoter Survey: </strong>संसद से 128वां संविधान संशोधन विधेयक (महिला आरक्षण बिल) पारित होने के बाद कई विपक्षी दलों की ओर से सरकार की मंशा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं क्योंकि इसके अमल में आने में अभी लंबा इंतजार करना होगा.</p> <p style="text-align: justify;">महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन विधेयक) 20 सितंबर को लोकसभा और 21 सितंबर को राज्यसभा से पारित हुआ. प्रावधान कहते हैं कि इसे जनगणना और परिसीमन के बाद कानून के रूप में लागू किया जा सकेगा. यह लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करेगा. </p> <p style="text-align: justify;">इस मुद्दे पर एबीपी न्यूज के लिए सीवोटर ने ऑल इंडिया सर्वे किया है. इस त्वरित सर्वे में लोगों से सवाल किया गया कि क्या महिला आरक्षण लागू करने में जनगणना और परिसीमन की शर्त इस मामले में सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करती है? इस पर ज्यादातर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या महिला आरक्षण लागू करने में जनगणना और परिसीमन की शर्त इस मामले में सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करती है?</strong></p> <p style="text-align: justify;">(सोर्स- सीवोटर)<br />हां- 40%<br />नहीं- 40%<br />कह नहीं सकते- 20%</p> <p style="text-align: justify;">सर्वे में 40 फीसदी लोगों ने 'हां' तो इतने ही प्रतिशत लोगों ने 'नहीं' में जवाब दिया. वहीं, 20 फीसदी लोगों ने कहा कि वे इस बारे में 'कह नहीं सकते' हैं.</p> <p style="text-align: justify;">महिलाओं के आरक्षण को लेकर लगभग सभी दलों ने समर्थन किया है लेकिन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत कुछ दलों ने इस बिल को तत्काल लागू करने की मांग की है. कुछ दलों ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण बिल में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) की महिलाओं के लिए भी कोटा शामिल करना चाहिए था. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि अगर उनकी पार्टी अगले <a title="लोकसभा चुनाव" href="https://ift.tt/QWZeljg" data-type="interlinkingkeywords">लोकसभा चुनाव</a> में सत्ता में आती है तो इस बिल में संशोधन करेगी. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>नोट- महिला आरक्षण बिल से जुड़े सवालों पर एबीपी न्यूज के लिए सीवोटर ने ऑल इंडिया सर्वे किया है. सर्वे में 5,403 लोगों से राय ली गई. यह सर्वे शनिवार से रविवार (23-24 सितंबर) दोपहर तक किया गया. सर्वे में मार्जिन ऑफ एरर प्लस माइनस 3 से प्लस माइनस 5 फीसदी है. सर्वे के नतीजे पूरी तरह से लोगों से की गई बातचीत और उनकी ओर से व्यक्त की गई राय पर आधारित हैं. इसके लिए abp न्यूज़ जिम्मेदार नहीं है.</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a title="ABP Cvoter Survey: आरक्षण लागू होने से पहले ही पार्टियों को चुनाव में उतारने चाहिए 33% महिला उम्मीदवार? सर्वे में बड़ा खुलासा" href="https://ift.tt/wVlm0Oh" target="_blank" rel="noopener">ABP Cvoter Survey: आरक्षण लागू होने से पहले ही पार्टियों को चुनाव में उतारने चाहिए 33% महिला उम्मीदवार? सर्वे में बड़ा खुलासा</a></strong></p>
