<p style="text-align: justify;"><strong>Mohan Bhagwat Jammu Kashmir Visit: </strong>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार (13 अक्टूबर) से जम्मू कश्मीर की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं. आरएसएस चीफ ने रविवार (15 अक्टूबर) को कहा कि जो लोग समाज को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, देश को उनसे अवश्य निपटना चाहिए. उन्होंने संघ के स्वयंसेवकों की एक सभा को संबोधित करते हुए अहिंसक, करुणावान, लचीलेपन और सुदृढ़ होने के महत्व पर भी बल दिया. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>कमजोरों की रक्षा पर क्या बोले भागवत?</strong></p> <p style="text-align: justify;">संघ प्रमुख ने अहिंसा पर बल दिया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि जो लोग समाज और राष्ट्र को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं या तोड़ना चाहते हैं, उनसे निपटने के लिए जो भी तरीका जरूरी हो, उसे अपनाना ही होगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह गरीबों की मदद के लिए पैसा दान किया जाता है उसी तरह कमजोरों की रक्षा के लिए शक्ति का प्रयोग किया जाना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;">आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा, ‘‘गरीबों की मदद के लिए पैसे दान में दिए जाते हैं और कमजोरों की मदद के लिए शक्ति का उपयोग किया जाता है. समाज और राष्ट्र के परिप्रेक्ष्य में यह भाव सभी के दिमाग में डाल दिया जाना चाहिए. ये ऐसे मूल्य हैं जो हमारे धर्म में समाहित हैं. उसमें कोई दो राय नहीं है.’’ </p> <p style="text-align: justify;"><strong>श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, "जहां कमजोर को क्रूर से बचाने की जरूरत हो तो व्यक्ति को जरूरत के हिसाब से ताकत के इस्तेमाल के लिए बिल्कुल तैयार रहना चाहिए. दुनिया में कमजोरों को क्रूरों से बचाना है तो हाथों में हथियार रखना ही होगा. इस संबंध में सभी की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है." </p> <p style="text-align: justify;">आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कठुआ चौक पर जनसंघ संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी और एक मंदिर में पूजा-अर्चना की. वह शहर के बाहरी इलाके जाखुद गए और भारत माता की प्रतिमा का अनावरण किया. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/qkt6CwX C Voter Survey: MP, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में BJP का सांसदों को टिकट देना मास्टरस्ट्रोक है? सर्वे के जवाब ने चौंकाया</a></strong></p>
